Sri Sarada Nama Sankirtanam:
The 108 Names of Sri Sarada Devi

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श्रीसारदा-नाम-संकीर्तनम्
ध्यानम्
ध्यायेद् हृदम्बुजे देवीं तरुणारुण-विग्रहाम्।
वराभयकरां शान्तां स्मितोत्फुल्ल-मुखाम्बुजाम्॥
स्थल-पद्म-प्रतीकाश-पादाम्भोज-सुशोभनाम्।
शुक्लाम्बरधरां धीरां लज्जा-पट-विभूषिताम्॥
प्रसन्नां धर्म-कामार्थ-मोक्षदां विश्व-मङ्गलाम्।
स्वनाथ-वाम-भागस्थां भक्तानुग्रह-कारिणीम्॥
ॐ सर्व-देव-देवी-स्वरूपिण्यै श्रीसारदा-देव्यै नमः।
संकीर्तनम्
त्वं मे ब्रह्म-सनातनि मा।
सारदयीश्वरी सुभगे मा॥ ध्रु॥
१. ब्रह्मानन्द-स्वरूपिणि मा।
२. ब्रह्म-शक्ति-सुख-दायिनि मा॥
३. सच्चित्सुखमय-रूपिणि मा।
४. सृष्टि-स्थिति-लय-कारिणि मा॥
५. ब्रह्म-सुधाम्बुधि-केलिनि मा।
६. ब्रह्मात्मैक्य-शुभङ्करि मा॥
७. जीवेश्वर-भित्कौतुकि मा।
८. अगाध-लीला-रूपिणि मा॥ त्वं मे ०
९. चिन्मय-रूप-विलासिनि मा।
१०. बहिरन्तर-सुख-वर्धिनि मा॥
११. ज्ञानानन्द-प्रवर्षिणि मा।
१२. दिव्य-रसामृत-वर्षिणि मा॥
१३. मूलाधार-निवासिनि मा।
१४. सहस्रार-शिव-सङ्गिनि मा॥
१५. आद्ये शक्ति-स्वरूपिणि मा।
१६. चिति-सुख-दायिनि तारिणि मा॥ त्वं मे ०
१७. शुभ-मति-दायिनि शाङ्करि मा।
१८. दुर्गति-दुर्मति-नाशिनि मा॥
१९. महाकाल-हृदि-नर्तिनि मा।
२०. जीव-शिवान्तर-वर्तिनि मा॥
२१. जगज्जननि जय-दायिनि मा।
२२. तडिल्लसित-सौदामिनि मा॥
२३. सीतारामा-कारिणि मा।
२४. कृष्ण-राधिका-रूपिणि मा॥ त्वं मे ०
२५. कमनीयाकृति-धारिणि मा।
२६. भव-सागर-भय-हारिणि मा॥
२७. शान्ति-सौख्य-चिर-दायिनि मा।
२८. क्षान्ति-महागुण-वर्षिणि मा॥
२९. कान्ति-वराभय-दायिनि मा।
३०. गिरि-शाङ्कोपरि-वासिनि मा॥
३१. हरार्ध-नारी-रूपिणि मा।
३२. नटन-महेश्वर-सङ्गिनि मा॥ त्वं मे ०
३३. हर-हर्षोत्करि-नर्तिनि मा।
३४. सारदेश्वरी-षोडशि मा॥
३५. साधक-मानस-शोधिनि मा।
३६. सर्व-सुभाग्य-प्रसाधिनि मा॥
३७. गुह-गजमुख-जनि-दायिनि मा।
३८. एकानेक-विभागिनि मा॥
३९. हिम-गिरि-नन्दिनि लासिनि मा।
४०. सर्व-चराचर-सर्जिनि मा॥ त्वं मे ०
४१. सर्व-भवामय-वारिणि मा।
४२. सर्व-जगत्त्रय-साक्षिणि मा॥
४३. निखिलाधीश्वरि योगिनि मा।
४४. एला-गन्ध-सुकेशिनि मा॥
४५. चिन्मय-सुन्दर-रूपिणि मा।
४६. परमानन्द-तरङ्गिणि मा॥
४७. रम्य-कान्ति-चिर-धारिणि मा।
४८. समस्त-सुगुणाभूषणि मा॥ त्वं मे ०
४९. सद्गति-सन्मति-दायिनि मा।
५०. भवतारिणि करुणेश्वरि मा॥
५१. त्रिपुरे सुन्दरि मोहिनि मा।
५२. ब्रह्माण्डोदर-धारिणि मा॥
५३. प्रेमानन्द-प्रवर्षिणि मा।
५४. सर्व-चराचर-पालिनि मा॥
५५. भुवन-चतुर्दश-प्रसविणि मा।
५६. नाना-लीला-कारिणि मा॥ त्वं मे ०
५७. विविध-विभूति-विधारिणि मा।
५८. ज्ञानालोक-प्रदायिनि मा॥
५९. विश्व-क्रीडा-कौतुकि मा।
६०. विश्वाधिष्ठित-चिन्मयि मा॥
६१. मन्द-स्मित-स्मर-हारिणि मा।
६२. भक्तानुग्रह-कारिणि मा॥
६३. योग-भोग-वर-दायिनि मा।
६४. शान्ति-सुधा-निःस्यन्दिनि मा॥ त्वं मे ०
६५. भ्रान्ति-रोग-विष-हारिणि मा।
६६. कान्ति-योग-सुख-दायिनि मा॥
६७. वीर-नरेन्द्र-प्रहर्षिणि मा।
६८. समाधि-चिर-चिति-दायिनि मा॥
६९. वीर्य-बलाभय-कारिणि मा।
७०. ताप-त्रय-भय-हारिणि मा॥
७१. सर्वोत्तुङ्ग-सुवासिनि मा।
७२. प्रसन्न-वरदे भैरवि मा॥ त्वं मे ०
७३. हवन-जपार्चन-साधिनि मा।
७४. चण्डासुर-खल-घातिनि मा॥
७५. सकल-देव-जय-साधिनि मा।
७६. दुष्ट-मुण्ड-वध-कारिणि मा॥
७७. चामुण्डेश्वरि दर्पिणि मा।
७८. माहिष-दर्प-विनाशिनि मा॥
७९. माहेश्वर-सुख-वर्धिनि मा।
८०. महिषासुर-खल-मर्दिनि मा॥ त्वं मे ०
८१. त्रिगुण-त्रिलोक-त्रिरूपिणि मा।
८२. निर्गुण-सगुण-विचित्रिणि मा॥
८३. कारित-ध्यानानन्दिनि मा।
८४. दर्पण-चित्त-विभासिनि मा॥
८५. चेतो-दर्पण-काशिनि मा।
८६. नव-नव-रूप-सुदर्शिनि मा॥
८७. समस्त-लोकोद्धारिणि मा।
८८. रामकृष्ण-नव-रूपिणि मा॥ त्वं मे ०
८९. धर्म-ग्लानि-विनाशिनि मा।
९०. धर्म-स्थापन-कारिणि मा॥
९१. रम्य-सहज-पथ-दर्शिनि मा।
९२. मातृ-भाव-सुख-शोधिनि मा॥
९३. निर्मल-भक्तोत्कर्षिणि मा।
९४. दिव्याद्भुत-चरितार्थिनि मा॥
९५. रामकृष्ण-सहधर्मिणि मा।
९६. जयरामाख्य-सुवाटिनि मा॥ त्वं मे ०
९७. मृग-केसरि-वर-वाहिनि मा।
९८. दुर्ग-हिमाचल-नन्दिनि मा॥
९९. नरेन्द्र-हृदय-निवासिनि मा।
१००. लोकोत्तर-कृति-दर्शिनि मा॥
१०१. सुन्दर-रूप-विकासिनि मा।
१०२. दिव्य-गुणाकर-धारिणि मा॥
१०३. दुर्बल-सबल-सुकारिणि मा।
१०४. दुःख-दैन्य-भय-नाशिनि मा॥ त्वं मे ०
१०५. सर्व-भूत-हित-साधिनि मा।
१०६. समस्त-लोकाभय-करि मा॥
१०७. दुर्गति-नाशिनि दुर्गे मा।
१०८. नारायणि जगदाद्ये मा॥
जय जय जय जगदाद्ये मा।
नारायणि जय दुर्गे मा॥ त्वं मे ०
स्तवः
अनन्त-रूपिणि अनन्त-गुणवति अनन्त-नाम्नि गिरिजे मा।
शिव-हृन्मोहिनि विश्व-विलासिनि रामकृष्ण-जय-दायिनि मा॥
जगज्जननि त्रिलोक-पालिनि विश्व-सुवासिनि शुभदे मा।
दुर्गति-नाशिनि सन्मति-दायिनि भोग-मोक्ष-सुख-कारिणि मा॥
परमे पार्वति सुन्दरि भगवति दुर्गे भामति त्वं मे मा।
प्रसीद मातर्नगेन्द्र-नन्दिनि चिर-सुख-दायिनि जयदे मा॥
प्रणामः
यथाग्नेर्दाहिका-शक्ती रामकृष्णे स्थिता हि या।
सर्व-विद्या-स्वरूपां तां सारदां प्रणमाम्यहम्॥
इति श्रीसारदा-नाम-संकीर्तनं समाप्तम्॥

śrīsāradā-nāma-saṁkīr­tanam
dhyā­nam
dhyāyed hṛdambu­je devīṁ taruṇāruṇa-vigrahām|
varāb­hayakarāṁ śān­tāṁ smi­tot­phul­la-mukhām­bu­jām||
stha­la-pad­ma-pratīkāśa-pādāmb­ho­ja-suśob­hanām|
śuk­lām­barad­harāṁ dhīrāṁ lajjā-paṭa-vib­hūṣitām||
prasan­nāṁ dhar­ma-kāmārtha-mokṣadāṁ viś­va-maṅ­galām|
svanātha-vāma-bhā­gasthāṁ bhak­tānu­gra­ha-kāriṇīm||
om sar­va-deva-devī-svarūpiṇyai
śrīsāradā-devyai namaḥ|
saṁkīr­tanam
tvaṁ me brah­ma-sanā­tani mā|
sāra­dayīś­varī sub­hage mā||
1. brah­mā­nan­da-svarūpiṇi mā|
2. brah­ma-śak­ti-sukha-dāyi­ni mā||
3. sac­c­it-sukhamaya-rūpiṇi mā|
4. sṛṣṭi-sthi­ti-laya-kāriṇi mā||
5. brah­ma-sud­hām­bud­hi-keli­ni mā|
6. brah­māt­maikya-śub­haṅkari mā||
7. jīveś­vara-bhitkau­tu­ki mā|
8. agād­ha-līlā-rūpiṇi mā|| tvaṁ me …
9. cin­maya-rūpa-vilāsi­ni mā|
10. bahi­ran­tara-sukha-vard­hi­ni mā||
11. jñānā­nan­da-pravarṣiṇi mā|
12. divya-rasāmṛ­ta-varṣiṇi mā||
13. mūlād­hāra-nivāsi­ni mā|
14. sahas­rāra-śiva-saṅgi­ni mā||
15. ādye śak­ti-svarūpiṇi mā|
16. citi-sukha-dāyi­ni tāriṇi mā|| tvaṁ me …
17. śub­ha-mati-dāyi­ni śāṅkari mā|
18. dur­gati-dur­mati-nāśi­ni mā||
19. mahākāla-hṛdi-nar­ti­ni mā|
20. jīva-śivān­tara-var­ti­ni mā||
21. jaga­j­janani jaya-dāyi­ni mā|
22. taḍil­l­a­sita-saudāmi­ni mā||
23. sītārāmā-kāriṇi mā|
24. kṛṣṇa-rād­hikā-rūpiṇi mā|| tvaṁ me …
25. kamanīyākṛti-dhāriṇi mā|
26. bha­va-sāgara-bhaya-hāriṇi mā||
27. śān­ti-saukhya-cira-dāyi­ni mā|
28. kṣān­ti-mahāguṇa-varṣiṇi mā||
29. kān­ti-varāb­haya-dāyi­ni mā|
30. giri-śāṅkopari-vāsi­ni mā||
31. harārd­ha-nārī-rūpiṇi mā|
32. naṭana-maheś­vara-saṅgi­ni mā|| tvaṁ me …
33. hara-harṣotkari-nar­ti­ni mā|
34. sāradeś­varī-ṣoḍaśi mā||
35. sād­ha­ka-mānasa-śod­hi­ni mā|
36. sar­va-sub­hā­gya-prasād­hi­ni mā||
37. guha-gaja­mukha-jani-dāyi­ni mā|
38. ekāne­ka-vib­hāgi­ni mā||
39. hima-giri-nan­di­ni lāsi­ni mā|
40. sar­va-carā­cara-sar­ji­ni mā|| tvaṁ me …
41. sar­va-bhavā­maya-vāriṇi mā|
42. sar­va-jagat­traya-sākṣiṇi mā||
43. nikhilād­hīś­vari yogi­ni mā|
44. elā-gand­ha-sukeśi­ni mā||
45. cin­maya-sun­dara-rūpiṇi mā|
46. paramā­nan­da-taraṅgiṇi mā||
47. ramya-kān­ti-cira-dhāriṇi mā|
48. samas­ta-sug­uṇāb­hūṣaṇi mā|| tvaṁ me …
49. sadgati-san­mati-dāyi­ni mā|
50. bha­vatāriṇi karuṇeś­vari mā||
51. tripure sun­dari mohi­ni mā|
52. brah­māṇḍo­dara-dhāriṇi mā||
53. pre­mā­nan­da-pravarṣiṇi mā|
54. sar­va-carā­cara-pāli­ni mā||
55. bhu­vana-catur­daśa-prasav­iṇi mā|
56. nānā-līlā-kāriṇi mā|| tvaṁ me …
57. vivid­ha-vib­hūti-vid­hāriṇi mā|
58. jñānālo­ka-pradāyi­ni mā||
59. viś­va-krīḍā-kau­tu­ki mā|
60. viśvād­hiṣṭhi­ta-cin­mayi mā||
61. man­da-smi­ta-smara-hāriṇi mā|
62. bhak­tānu­gra­ha-kāriṇi mā||
63. yoga-bhoga-vara-dāyi­ni mā|
64. śān­ti-sud­hā-niḥsyan­di­ni mā|| tvaṁ me …
65. bhrān­ti-roga-viṣa-hāriṇi mā|
66. kān­ti-yoga-sukha-dāyi­ni mā||
67. vīra-naren­dra-pra­harṣiṇi mā|
68. samād­hi-cira-citi-dāyi­ni mā||
69. vīrya-balāb­haya-kāriṇi mā|
70. tāpa-traya-bhaya-hāriṇi mā||
71. sar­vot­tuṅ­ga-suvāsi­ni mā|
72. prasan­na-varade bhairavi mā|| tvaṁ me …
73. havana-japār­cana-sād­hi­ni mā|
74. caṇḍā­sura-kha­la-ghā­ti­ni mā||
75. sakala-deva-jaya-sād­hi­ni mā|
76. duṣṭa-muṇḍa-vad­ha-kāriṇi mā||
77. cāmuṇḍeś­vari darpiṇi mā|
78. māhiṣa-darpa-vināśi­ni mā||
79. māheś­vara-sukha-vard­hi­ni mā|
80. mahiṣā­sura-kha­la-mar­di­ni mā|| tvaṁ …
81. triguṇa-trilo­ka-trirūpiṇi mā|
82. nir­guṇa-saguṇa-vic­itriṇi mā||
83. kāri­ta-dhyānā­nan­di­ni mā|
84. darpaṇa-cit­ta-vib­hāsi­ni mā||
85. ceto-darpaṇa-kāśi­ni mā|
86. nava-nava-rūpa-sudarśi­ni mā||
87. samas­ta-lokod­dhāriṇi mā|
88. rāmakṛṣṇa-nava-rūpiṇi mā|| tvaṁ me …
89. dhar­ma-glāni-vināśi­ni mā|
90. dhar­ma-sthā­pana-kāriṇi mā||
91. ramya-saha­ja-patha-darśi­ni mā|
92. mātṛ-bhā­va-sukha-śod­hi­ni mā||
93. nir­mala-bhak­totkarṣiṇi mā|
94. divyādb­huta-car­itārthi­ni mā||
95. rāmakṛṣṇa-sahad­harmiṇi mā|
96. jayarāmākhya-suvāṭi­ni mā|| tvaṁ me …
97. mṛga-kesari-vara-vāhi­ni mā|
98. dur­ga-himā­cala-nan­di­ni mā||
99. naren­dra-hṛdaya-nivāsi­ni mā|
100. lokot­tara-kṛti-darśi­ni mā||
101. sun­dara-rūpa-vikāsi­ni mā|
102. divya-guṇākara-dhāriṇi mā||
103. dur­bala-sabala-sukāriṇi mā|
104. duḥkha-dainya-bhaya-nāśi­ni mā|| tvaṁ …
105. sar­va-bhū­ta-hita-sād­hi­ni mā|
106. samas­ta-lokāb­haya-kari mā||
107. dur­gati-nāśi­ni durge mā|
108. nārāyaṇi jagadādye mā||
jaya jaya jaya jagadādye mā|
nārāyaṇi jaya durge mā|| tvaṁ me …

stavaḥ
anan­ta-rūpiṇi anan­ta-guṇa­vati anan­ta-nām­ni gir­i­je mā|
śiva-hṛn­mo­hi­ni viś­va-vilāsi­ni rāmakṛṣṇa-jaya-dāyi­ni mā||
jaga­j­janani trilo­ka-pāli­ni viś­va-suvāsi­ni śub­hade mā|
dur­gati-nāśi­ni san­mati-dāyi­ni bhoga-mokṣa-sukha-kāriṇi mā||
parame pār­vati sun­dari bha­ga­vati durge bhā­mati tvaṁ me mā|
prasī­da mātar­na­gen­dra-nan­di­ni cira-sukha-dāyi­ni jayade mā||

praṇā­maḥ
yathāgn­erdāhikā-śak­tī rāmakṛṣṇe sthitā hi yā|
sar­va-vidyā-svarūpāṁ tāṁ sāradāṁ praṇamāmya­ham||
iti śrīsāradā-nāma-saṁkīr­tanaṁ samāp­tam||